मुंबई से पुणे तक भगवा मैप! BMC में BJP की एंट्री, MNS का सियासी मीटर डाउन

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

महाराष्ट्र की राजनीति इस वक्त एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी दिख रही है। नगर निकाय चुनावों के शुरुआती रुझानों ने साफ कर दिया है कि शहरी वोटर अब इमोशन नहीं, execution देख रहा है। मुंबई, पुणे, नागपुर और नासिक जैसे बड़े शहरों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों की पकड़ पहले से कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रही है।

BMC में BJP पहली बार बहुमत की दहलीज पर

देश की सबसे अमीर नगर पालिका बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) में बीजेपी अब सिर्फ “मुख्य विपक्ष” नहीं रही। शुरुआती रुझानों में पार्टी करीब 88 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना का प्रदर्शन भी मजबूत दिख रहा है। दोनों दलों को मिलाकर देखा जाए तो महायुति अपने दम पर बहुमत हासिल करती दिख रही है—जो मुंबई की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।

ठाकरे ब्रांड पर ब्रेक, UBT को सीमित बढ़त

जिस शिवसेना का कभी मुंबई पर एकछत्र राज था, वही पार्टी अब संघर्ष करती नजर आ रही है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को मुकाबला तो मिल रहा है, लेकिन बढ़त सीमित है। ground connect की कमी और संगठनात्मक ढीलापन अब खुलकर सामने आ रहा है।

MNS: मराठी मानुस की राजनीति का साइलेंट मोड

राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के लिए ये चुनाव किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं हैं। मुंबई की 277 सीटों में पार्टी सिर्फ 5 सीटों पर आगे है। पुणे में तो हालात ऐसे हैं कि खाता तक खुलता नहीं दिख रहा

नागपुर, पिंपरी-चिंचवड़, नासिक, कल्याण-डोंबिवली, संभाजीनगर और कोल्हापुर समेत करीब 22 शहरों में MNS शून्य पर सिमटने की कगार पर है।
कभी नासिक की सत्ता संभाल चुकी पार्टी अब अपने ही पुराने गढ़ में कमजोर पड़ती नजर आ रही है।

29 नगर निगमों में BJP का शहरी दबदबा

पूरे राज्य की 29 नगर महापालिकाओं की 2869 सीटों पर हुए चुनावों के रुझान बताते हैं कि:

  • BJP: 1000+ वार्डों में बढ़त
  • Shiv Sena (Shinde): ~280 सीटें
  • Congress: ~220 सीटें
  • NCP (Ajit & Sharad Pawar): सीमित असर
  • MNS: सबसे कमजोर प्रदर्शन

ये आंकड़े साफ इशारा करते हैं कि महाराष्ट्र की urban politics अब पूरी तरह BJP-centric होती जा रही है

Emotion Out, Organization In

इन चुनावी रुझानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरी महाराष्ट्र में अब भावनात्मक नारों की जगह governance, resources और cadre strength ने ले ली है।
जहां बीजेपी का संगठन चुनावी मशीन की तरह काम करता दिखा, वहीं MNS और ठाकरे खेमा रणनीतिक असमंजस में फंसा नजर आया

महाराष्ट्र 29 नगरपालिकाओं के एग्जिट पोल्स: BJP+ आगे

Related posts

Leave a Comment